ए हिंदुस्तानी तू आज तय कर ले,
मरने के वादे ना कर बस इस देश के लिए थोडा जीं ले।
थोडा सोच देश का फिर तू अपना हीत कर ले।
पर भारत माँ के कुछ आँसू आज तू पीले।
प्रजासत्ताक ये देश स्वतंत्र अगणित बलीदानो से है।
तेरे घर के आंगन मे चैन लाखो कूर्बानीयो से है।
माना उनका कर्जदार तू कर्ज चुकाने की बात ना कर।
बस दो पल दिल से उनकी कूर्बानीया याद तो कर।
मासूम हाथ आज बेचेंगे तीरंगा।
तू खरीदना उनसे अपना वो तीरंगा।
लेहराना अदब से, वो मासूम खूश होंगे तूझसे।
उस खुशी में खुशी से बीकेगा हम सबका वो तीरंगा।
खुली फीजा मे लहराता, तीरंगा जो शान से
शान बचाने उसकी लढे कइ जी जान से।
ना कर अफसोस तू उनके शहीद होने पर
बस तीरंगा संभालना थोडा सा ध्यान से।
आज तू अपने दिल से तीरंगा लगाएगा।
अपने रोम रोम मे देश भक्ति जगाएगा।
इस देशभक्ति को खूदसे जूदा न होने देना।
जान से प्यारे उस तीरंगे को मिट्टी मे ना खोने देना।
।। जय हिंद ।।
